OBC Bill Kya Hai 2021: OBC बिल 2021, क्या है

आज कल आप सभी को न्यूज़ या न्यूज़ पेपर में OBC Bill के बारे में खबरे सुनने को मिल जायेंगे, आप में से बहुत सारे लोग है जिन्हें तो OBC Bill Kya Hai, इसके बारे में जानकारी अवश्य होगी, परन्तु आप में से बहुत सारे ऐसे लोग है जिन्हें OBC Bill 2021 के बारे में बिलकुल भी जानकारी नहीं है | तो चलिए देखते है OBC Bill 2021 के बारे में सम्पूर्ण जानकारियों के बारे में समझते है | साथ ही हम सब इसके फायेदे और नुकशान के बारे में भी जानने वाले है | हल ही में इस बिल को पास भी कर दिया गया है, यानि की अब ये बिल राज्यों की सरकारें लागू कर सकती है |

OBC Bill Kya Hai

ज्यादा गहराई में न जाते हुए, हम OBC bill की सम्पूर्ण जानकारी को सरल भाषा में समझने की कोशिश करते है | वर्ष 2018 तक ओबीसी आरक्षण लिस्ट को केंद्र सरकार और राज्य दोनों मिलकर तैयार करती थी, परन्तु 2018 में हुई विवादों के कारण इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिया गया है, इसके बाद बीते कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस बिल पर अपना फैसला सुना दिया, परन्तु इस फैसलें से कुछ राजनितिक पार्टियां खुश नहीं दिख रही थी | सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जारी फैसले से केंद्र सरकार खुश नहीं थी, जिसके कारण OBC Bill 2021 को बनाया गया |

OBC Bill Kya Hai 1

OBC Reservation Amendment Bill 2021

बिल का नाम 127th Constitutional Amendment Bill
वर्ग पिछड़ा वर्ग 
वर्ष 2021
बिल की स्तिथि पास 10 अगस्त 2021
127th Constitutional Amendment Bill PDFDownload PDF

OBC संविधान संशोधन बिल क्या है 

तो चलिए इसको हम और अच्छे से समझते है, क्यों OBC Bill 2021 की आवश्यकता पड़ी, इसको समझाने के लिए हमें कुछ वर्षो पहले जाना होगा | 127वें (OBC Bill 2021) संविधान संशोधन बिल की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योकि वर्ष 2018 से पहले ओबीसी आरक्षण लिस्ट को केंद्र सरकार और राज्य सरकार अलग-अलग तैयार करती थी, परन्तु वर्ष 2018 में सविधान में 102वाँ संशोधन किया गया जिसके बाद OBC List तैयार करने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास रह गया

ऐसे में जब ओबीसी आरक्षण का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में पंहुचा तो कोर्ट ने कहा की OBC List तैयार करने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार के पास है | इसलिए केंद्र सरकार को इस संसोधन बिल को लाना पड़ा |

OBC आरक्षण संसोधन बिल क्यों लाया गया 

आज से कुछ महीनों पहले यानि 5 मई 2021 के दिन सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एक फैसला सुनाया गया था, जिसमे में साफ़ साफ़ कहा गया था, की राज्यों को अब उनलोगों को आरक्षण देने का अधिकार नहीं होगा, जो की सामाजिक और शैक्षिण रूप से पिछड़े वर्ग से आते है |

इस बिल का मुद्दा तब उठा जब महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण का मुद्दा लेकर सुप्रीम कोर्ट पंहुचा, तब कोर्ट ने इस मुद्दा को यह कहते हुयें रद्द कर दिया की राज्यों के पास OBC List तैयार करने का अधिकार नहीं है | सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से न तो राज्य सरकार सहमत थी न ही केंद्र सरकार इसलिए केंद्र सरकार की तरफ से OBC Bill 2021 को लाना पड़ा |

सरकारी योजनाएं –

ओबीसी संशोधन बिल पास होने के फायेदें  

अब आम जनता को ये समझ में नहीं आ रहा है, यदि OBC Bill 2021 संसद भवन में पास हो जाता है तो क्या होगा, तो इसका सीधा सा जवाब है | यदि यह बिल पास हो जाता है तो राज्यों की सरकारों को अपने अनुसार OBC list यानि की अन्य पिछड़ी जातियों की लिस्ट बनाने का अधिकार मिल जायेगा | और मराठा आरक्षण जैसे फैसला राज्य सरकार खुद से ले सकेंगी |

लोकसभा में पास हुए OBC Bill

जो संसद अलग-अलग मुद्दों की वजह से पिछले कई दिनों से ठप थी, वह संसद OBC bill के मुद्दे पर नियमित रूप से चली, और कई अहम् फैसले लिए गये, जैसे भारी शोर शराबे और हंगामे के बीच संसद के दोनों सदनों में 127वाँ संविधान संशोधन बिल, 2021 सर्वसम्मति से पास हो गया |

वैसे तो संसद में कृषि जैसे मुद्दों को लेकर सभी पार्टियों में काफी ज्यादा बहस होती रहती है, परन्तु OBC Bill 2021 को लेकर सभी पार्टियों ने सहमती जताई है इसके बाद OBC Bill 2021 को पास कर दिया गया, इस बिल को पास होने के बाद राज्य की सरकारें सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े लोगों की लिस्ट तैयार कर सकेंगी | अब राज्यों सरकारों को किसी भी जाती को OBC में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी का इन्तेजार नहीं करना पड़ेगा | लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 385 वोट पड़ें, और इस बिल के विपक्ष में कोई भी वोट नहीं पड़ें |

OBC Bill पास होने से फयेदें 

आज के समय में इस बिल को लोकसभा में 14 पार्टियों के समर्थन से पास कर दिया गया है, इस बिल के विपक्ष में किसी भी पार्टी ने वोट नहीं किया है, यहाँ तक की कांग्रेस ने भी इस बिल को पास करने में समर्थन दिया है, तो चलिए अब हम समझते है, इससे क्या फायेदा होगा |

  • इस बिल को पास होने के बाद राज्य सरकारों के पास पिछड़े वर्ग की लिस्ट बनाने का सम्पूर्ण अधिकार होगा
  • बिल में संसोधन होने के बाद 671 जातियों को फायेदा मिलेगा, क्योकि राज्य की सरकारें अपनी मर्जी से OBC में सम्मलित कर नौकरी और शिक्षा में आरक्षण दे पाएंगी |
  • उत्तर प्रदेश सरकार 39 जातियों की लिस्ट तैयार की है, जिन्हें OBC में सम्मलित करने के लिए योजना बना रही है |
  • जिन वर्गों को अभी तक प्रतिनिधित्व नहीं मिला है, उन्हें आरक्षण मिलाना चाहिए
  • बहुत सारे ऐसे वर्ग जो आरक्षण नहीं होने के कारण छट जाते है, उन्हें आरक्षण मिल सकेगा

इन राज्यों के OBC वोट बैंक 

हम सभी जानते है, आने वाले कुछ समय कुछ राज्यों में चुनाव होने वाला है, इसमे राजनितिक पार्टियाँ OBC में शामिल कर बड़ी वोट बैंक को अपनी तरफ शामिल कर सकते है, उत्तर प्रदेश में 54.5 प्रतिशत वोटर ऐसे है जो OBC से आते है, वही वही मणिपुर में यह आंकड़ा 51.7 पर्तिशत है | अगले वर्ष इन सभी राज्यों में चुनाव होने है ऐसे कोई भी राजनितिक पार्टियाँ इन्हें नाराज नहीं करना चाहेगी |

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ओबीसी बिल क्या है?

अभी हमने OBC Bill 2021 Kya Hai. कैसे काम करती है, उसके बारे में पूरी तरह से समझ में आ गया होगा, यदि कोई सवाल है तो उसके लिए निचे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते है, सरकारी योजना और शिक्षा से सम्बंधित और भी बहुत कुछ सीखना चाहते है तो उसके लिए हमारे ब्लॉग पर स्क्रॉल कर सकते है, यहाँ आपको बहुत सारे सरकारी योजनो से समबन्धित सिखने को मिल जायेगा |

OBC Bill पास लोकसभा में पास होने से क्या फायेदा होगा?

अब राज्य सरकारें अपने अनुसार पिछाड़ी वर्ग की सूचि तैयारी कर सकेंगी |

ओबीसी को कितनी आरक्षण प्रदान की गई है?

इसे 50% आरक्षण प्रदान की गई परन्तु कुछ राज्यों में इसकी संख्या 50% से भी ज्यादा है जैसे उत्तर प्रदेश 

क्या अओबीसी बिल पास होने से सभी राज्यों को फायेदा होगा?

हाँ,क्योकि सभी राज्यों की सरकारों को OBC लिस्ट तैयार करने का अधिकार प्राप्त पर हो जायेगा |

क्या राज्य सरकारों को ओबीसी आरक्षण देने के लिए केंद्र से अनुमति लेनी होगी?

नहीं 

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