SDM Officers कैसे बनते है और एग्जाम कैसे देते है

आज के समय में किसी भी प्रकार के जॉब के लेकर बहुत ज्यादा कंपटीशन है हर कोई एक दूसरे के अपेक्षा ज्यादा करने के लिए तैयार हो रहे है। इस चीज के देखते हुए जो भी छात्र है वो पहले से अपने लक्ष्य की तैयारी में लग चुके है। और अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम भी कर रहे है। मेरा मानना है वर्तमान समय में जिस तरह का कम्पटीशन चल रहा है। उसको देखते हुए हमें अपने लक्ष्य को बहुत ही तेजी से पीछा करना होगा। SDM in Hindi

इसके लिए जो सबसे महत्वपूर्ण है कठिन परिश्रम बिना कठिन परिश्रम के हम अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकते है। जितने भी छात्र है जो अपने लक्ष्य के तैयारी कर रहे है। जैसे कोई इंजीनियर बनना चाहता है तो कोई गोवेर्मेंट अफसर जैसे आर्मी, पुलिस, आईएएस, एसडीएम, इत्यादि बनना चाहता है। परन्तु अपने लक्ष्य को पाने के लिए कठिन परिश्रम के साथ साथ उसके बारे में आवश्यक जानकारी भी महत्वपूर्ण है।

इसलिए आज हम समझेंगे। कि SDM Officer कैसे बन सकते है। और एसडीएम अफसर को बनने के लिए क्या क्या योग्यता होने जरुरी है।

 

SDM क्या है

तो सबसे पहले हम ये जान लेते है SDM होता क्या है SDM का फुल फॉर्म “Sub Divisional Magistrate” होता है जिसे हिंदी में उपप्रभागीय न्यायदिश कहा जाता है एक जिले में सिर्फ एक ही एसडीएम होता है। अगर एसडीएम की कार्य क्षेत्र की बात की जाये तो इनका कार्य क्षेत्र डीएम की तकरीबन करीब ही होता है। और इनका काम होता प्रशानिक, विकाश, न्यायिक, कानून और व्यवस्था को बनाये रखने में अपने क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाता है। अगर एक एसडीएम की प्रमुख पावर की बात की जाये तो ये एडमिनिस्ट्रेटिव, मजिस्ट्रटिव, और जुडिशल पावर रखते है। एसडीएम के उपखण्ड के जितने भी तहसीलदार होते है उनके ऊपर एक एसडीएम का नियंत्रण होता है।

 

SDM के कार्य क्या है

तो अभी तक तो हमने एसडीएम क्या होता है इसके बारे में तो जान लिए है अब हम एक एसडीएम का प्रमुख कितने कार्य होते है जिसको एक एसडीएम के अंतर्गत आता है। और ये सभी के सभी कार्य पर एसडीएम का नियंत्रण होता है। एसडीएम के कई सारे अलग अलग कार्य है जैसे अपने क्षेत्र के जितने भी भूमि है उनके बारे में कार्य को पूरा करना है। किसी भी प्रकार के लाइसेंस को जारी करना, विवाह रजिस्ट्रेशन, आपदा प्रबंध करना, प्रकृतिक आपदा के कारण नुकसान होने पर लोगो को मदद पहुंचना, नवीकरण, अपने अधीन जितने भी तहसीलदार आते है उनके पे नियंत्रण रखना। इन सभी के आलवा पूंजीकरण, सर्टिफिकेट इशू करना जैसे ( एसएससी सर्टिफिकेट, ओबीसी सर्टिफिकेट, नॅशनलिटी सर्टिफिकेट इत्यादि।) इलेकशन का कार्य। इत्यादि को अकेले एक एसडीएम संभालता है। और एसडीएम अपने कार्य को डीएम से रिपोर्ट करता है।

 

एसडीएम का एग्जाम कौन करता है

अभी तक तो हमने एसडीएम के कार्य प्रणाली के बारे में जाना है। तो अगर आप एसडीएम के लिए तैयारी कर रहे है और एग्जाम देना चाहते है तो आपको ये जानना जरुरी है की एसडीएम का एग्जाम करता है। तो एसडीएम का एग्जाम कंडक्ट करता है UPSC (State Public Service Commission) और जितने भी स्टेट है उनका अपना एक अलग पब्लिक सर्विस कोंनेकशन होता है। जैसे उत्तरप्रदेश का है UPPSC , उत्तराखंड का है UKPSC और बिहार का है BPSC इत्यादि।

 

Age Limit

अब बात करते है आयु सीमा की तो इसमें कुछ इस तरह से है

General

  • Min. 21 Years
  • Max. 40 Years

SC/ST/OBC

  • Min. 21 Years
  • Max. 45 Years

Physically

  • Min. 21 Years
  • Max. 55 Years

 

एसडीएम बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता

अगर कोई एसडीएम के लिए एग्जाम देना चाहता है तो उसे किसी भी विश्यविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण होना चलिए और किसी भी प्रकार के बैचलर डिग्री होने चाहिए। इन सभी के आलवा अगर आप फाइनल ईयर में या अभी आपका लास्ट सेमेस्टर का एग्जाम देना बाकि है फिर भी आप एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते है और सबसे महत्वपूर्ण बात है इस एग्जाम में बैठने के लिए ग्रेजुएशन में चाहे कितने भी परसेंटेज क्यों न हो। फिर भी इस एग्जाम के लिए अप्लाई कर एग्जाम में बैठ सकते है।

 

इस एग्जाम को कितनी बार दे सकते है

अब अगर बात करे की इस एग्जाम को कितने बार एटेम्पट कर सकते है तो इस एग्जाम को देने के लिए किसी भी प्रकार के लिमिट नहीं है आप जीतनी बार चाहे उतनी बार एग्जाम को दे सकते है। परन्तु मैं आपको बता दूँ UPSC एग्जाम में एग्जाम देने के लिए लिमिट तो है परन्तु स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन में किसी भी प्रकार के एग्जाम एटेम्पट लिमिट नहीं है। इसलिए हम अपने आयु सिमा के अंदर इस एग्जाम को जितने बार हो सके दे सकते है।

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एसडीएम बनने हेतु एग्जाम कैसे देते है SDM Exam

तो चलिए अब हम ये जानते है की एग्जाम को कितने स्टेजेस में कराया जाता है। तो इसके एग्जाम को तीन स्टेजेस में कराये जाते है

  1. Prelims
  2. Mains
  3. Interview

1.Prelims Exam (प्रारंभिक परीक्षा)

एसडीएम बनने के लिए जो प्रथम चरण एग्जाम है। इसके दो पेपर होते है। और इसके लिए 200 मार्क निर्धारित होते है। इस परीक्षा में सामान्यज्ञान से सम्बंधित प्रशन दिए गए होते है। इस एग्जाम में जो GS2 का पेपर होता है वो क्वालीफाई मार्क्स का होता है जिसमे (CSAT) आता है। और इस पेपर में कम से कम ३३% मार्क्स लाना अनिवार्य है। परन्तु इसके मार्क्स रैंकिंग में नहीं जोड़े जाते है। यानि की रैंकिंग में GS-1 के पेपर का ही मार्क्स को जोड़ा जाता है। और इस पेपर में 150 क्वेश्चन होते है जो 200 मार्क्स के होते है। और GS-1 में टोटल आठ सब्जेक्ट से परशन आते है।

2.Mains Exam (मुख्य परीक्षा)

जब स्टूडेंट मुख्य एग्जाम को पास कर लेता है उसके बाद से ही वो इस एग्जाम को दे सकता है। Mains एग्जाम 150 मार्क्स का होता है जिसमे आठ पेपर होते है। ये एग्जाम बहुत ज्यादा कठिन होता है जब आप इस एग्जाम को क्लियर कर लेते है उसके बाद से ही इंटरव्यू के लिए बुलाये जाते है। और इस पेपर में करंट अफेयर्स, इतिहास, जनरल साइंस, इंडियन पोलटिक्स, जनरल हिंदी, भूगोल, से सम्बंधित प्रशन आते है।

 

Interview

अब बात करते है इंटरव्यू की जो 200 मार्क्स के होते है और फाइनल रैंकिंग Main एग्जाम और इंटरव्यू के मार्क्स को मिलकर बनता है। आपका इंटरव्यू आपके योग्यता को परखने के लिए लिया जाता है। जिसमे इंटरव्यू लेने वाले आपसे कोई सारे सवाल पूछते है जिसका जवाब ऐसे देना जिससे जो व्यक्ति आपसे इंटरव्यू ले रहा है वो आपके सवाल से संतुस्ट हो जाये।

 

हमने सीखा

आज के इस पोस्ट में हम What is SDM in Hindi में सीखा है। आशा आपको पसंद भी आया होगा। अगर आपको ये पोस्ट अच्छा लगा है तो निचे कमेंट जरूर करे। इसके आलावा अगर आप कोई सुझाव देना चाहते है तो उसे भी निचे कमेंट कर सकते है। यदि ऐसी ही करियर के बारे में आर्टिकल को पढ़ना चाहते है हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करे।

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